गुलाबी गालो में छिपी आँशु की पपड़ी ;
कंचन काया से ढकी है सूखी अतड़ी;
रशीले होंठो पे बिखरी उदाशी की सोखी;
गाथा औरत की,जो बन सकी ना जननी|
पैदा होना था जिसका बैमानी ;
नवाजा जहा ने कह के हरामी ;
कुचला अपंखुरित ही जिसकी जवानी;
गाथा औरत की ,जिसकी सूनी गई ना कहानी |
बनना था जिसको किसी की धाती ;
रचती नई दुनिया जिसकी छाती;
बन गई है बिधाता की अधूरी चित्रकारी;
गाथा औरत की ,जो अमृत से बन गई है पानी;
आँचल था जिसका पवित्रता का साया ;
धुंध बदनामी का अब तो छाया ;
देवी का दुर्दिन कैसे हो पाया;
गाथा औरत की ,जिसकी दशा पर अफसोस भी ना आया;
चका-चौंध के मध्य कुढ़ रही नाड़ी;
भडाश,बेरुखी जिसकी जिसकी साखी ;
क्यों सोचे हम कौन लगती है हमारी ?;
गाथा औरत की ,गुदड़ी बन गई है जिसकी साड़ी|
आखिर किसकी है ये घ्रीनीत करनी ?;
या फिर,सभ्य समाज की काली चमड़ी ;
नैतिकता पर पड़ी कम्बल ये काली ;
गाथा औरत की ,जिसे हमने बनाया बदनाम गलियों की रानी|
आओ आब कुछ अलग कर जाये ;
अछूतों को चलो गले लगाये ;
इंसानियत की नई तस्वीर बनाये ;
गाथा औरत,की चलो जग को बतलाये|
कंचन काया से ढकी है सूखी अतड़ी;
रशीले होंठो पे बिखरी उदाशी की सोखी;
गाथा औरत की,जो बन सकी ना जननी|
पैदा होना था जिसका बैमानी ;
नवाजा जहा ने कह के हरामी ;
कुचला अपंखुरित ही जिसकी जवानी;
गाथा औरत की ,जिसकी सूनी गई ना कहानी |
बनना था जिसको किसी की धाती ;
रचती नई दुनिया जिसकी छाती;
बन गई है बिधाता की अधूरी चित्रकारी;
गाथा औरत की ,जो अमृत से बन गई है पानी;
आँचल था जिसका पवित्रता का साया ;
धुंध बदनामी का अब तो छाया ;
देवी का दुर्दिन कैसे हो पाया;
गाथा औरत की ,जिसकी दशा पर अफसोस भी ना आया;
चका-चौंध के मध्य कुढ़ रही नाड़ी;
भडाश,बेरुखी जिसकी जिसकी साखी ;
क्यों सोचे हम कौन लगती है हमारी ?;
गाथा औरत की ,गुदड़ी बन गई है जिसकी साड़ी|
आखिर किसकी है ये घ्रीनीत करनी ?;
या फिर,सभ्य समाज की काली चमड़ी ;
नैतिकता पर पड़ी कम्बल ये काली ;
गाथा औरत की ,जिसे हमने बनाया बदनाम गलियों की रानी|
आओ आब कुछ अलग कर जाये ;
अछूतों को चलो गले लगाये ;
इंसानियत की नई तस्वीर बनाये ;
गाथा औरत,की चलो जग को बतलाये|
this is too gud dude.....i appreciate ur thinking...n ur poem....this n nanha nat z touchable.......keep goin....all d best
ReplyDeletegood one
ReplyDeleteBeautiful thought...!
ReplyDeleteI really appreciate your work
waiting for more posts,,,
My heart was filled with compassion to read this Poem.
ReplyDeleteIts really very heart touching.